Ivf Ki Safalta Badhane Ke Liye Kin-Kin Baato Ka Dhyaan Rakhe

आजकल निःसंतान दंपतियों के लिए कई विकल्प उपलब्ध हैं, आईवीएफ उनमें से एक है। यह असिस्टेड रिप्रोडक्टिव टेक्नोलॉजी (ART) की एक तकनीक है। आईवीएफ की प्रक्रिया में महिला के अंडाशय से अंडे को निकालकर, उसे पुरुष के शुक्राणु के साथ लैब में फर्टिलाइज़ किया जाता है। फर्टिलाइज़ होने के बाद तैयार हुए भ्रूण को महिला के गर्भाशय में ट्रांसफर किया जाता है।

आईवीएफ प्रक्रिया में भ्रूण स्थानांतरण यानि एम्ब्र्यो ट्रांसफर अंतिम चरण होता है। आईवीएफ प्रक्रिया की सफलता भ्रूण के गर्भाशय में प्रत्यारोपित होने पर निर्भर होती है। फिर, गर्भावस्था होने के बारे में जानने के लिए रोगी को लगभग दो सप्ताह तक इंतजार करना होता है। इन दो सप्ताह के इंतजार के दौरान मरीजों के मन में बहुत सारे प्रश्न और विचार आना बहुत ही स्वाभाविक है, जैसे क्या मुझे पूरी तरह बिस्तर पर आराम करना चाहिए? क्या गर्भवती होने की संभावना बढ़ाने के लिए मैं कुछ कर सकती हूँ? क्या मुझे अपनी दवा लेते रहना होगा? क्या संभोग करना सुरक्षित है?

इसलिए बहुत महत्वपूर्ण है कि एक महिला को आईवीएफ के बारे में पूर्ण जानकारी तो होनी ही चाहिए, लेकिन उसके साथ-साथ ही महिलाओं को सफल आईवीएफ की संभावना को बढ़ाने के लिए क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए, इसकी जानकारी भी होना ज़रूरी है।

आईवीएफ की सफलता बढ़ाने के लिए क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए:-

1) आईवीएफ ट्रीटमेंट से पूर्व

क्या करें

  • स्वस्थ रहना आपका मंत्र होना चाहिए! एक स्वस्थ गर्भावस्था गर्भधारण से बहुत पहले शुरू हो जाती है। इसलिए आईवीएफ शुरू होने से पहले अपने स्वास्थ्य पर ध्यान देना बहुत ज़रूरी है।
  • फलों, नट्स और पत्तेदार सब्जियों सहित हमेशा संतुलित और स्वस्थ आहार लें।
  • वजन संतुलित रखें क्योंकि 30 से अधिक का बीएमआई आपके चक्र को नकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकता है।
  • नियमित रूप से व्यायाम करें।
  • अपने डॉक्टर से आवश्यक विटामिन सप्लीमेंट और अन्य दवाएं लेने के बारे में सलाह लें। गर्भधारण की कोशिश करने से कम से कम 3 महीने पहले विटामिन सप्लीमेंट शुरू करने की सलाह दी जाती है।
  • जीवनशैली को बेहतर बनाने की कोशिश करें। 3-4 महीने पहले से किए जाने वाले सकारात्मक बदलावों से शुक्राणु और अंडों की गुणवत्ता पर प्रभाव पड़ता है।

क्या न करें

  • धूम्रपान ना करें।
  • शराब से बचें या अल्कोहल सेवन को कम से कम रखने की कोशिश करें।
  • किसी भी तनाव लेने से बचें और शुरुआत से अंत तक सकारात्मक रहने के लिए नियमित रूप से ध्यान करें।
  • कैफीन से बचें या एक दिन में एक या दो कैफीनयुक्त पेय पदार्थों को कम करें।

 2) आईवीएफ ट्रीटमेंट के दौरान

क्या करें

  • स्वस्थ रहने के प्रयास के साथ-साथ संतुलित आहार लें।
  • कम से कम आठ घंटे की पर्याप्त नींद ज़रूर लें।
  • हल्का व्यायाम करते रहें।
  • बहुत सारा पानी और तरल पदार्थ पिएं।

क्या ना करें

  • धूम्रपान और शराब का सेवन ना करें। (पुरुष और महिला दोनों के लिए)
  • प्रतिदिन में एक या दो कप से अधिक कैफीन युक्त पदार्थों का सेवन ना करें।
  • डॉक्टर से परामर्श के बिना किसी भी दवा का सेवन ना करें।
  • उपचार के दौरान मछली जैसे खाद्य पदार्थों से बचें क्योंकि उनमें मरकरी का स्तर उच्च होता हैं और वह हानिकारक हो सकते हैं।
  • अत्यधिक गर्मी या रेडिएशन के सम्पर्क में आने से बचें क्योंकि इससे फर्टिलिटी प्रभावित हो सकती है। और आईवीएफ चक्र की विफल होने की संभावना बढ़ सकती है।
  • OHSS (ओवेरियन हाईपरस्टिमुलेशन सिंड्रोम) से बचाव के लिए, बहुत सारे तरल पदार्थों का सेवन करें। लगभग तीन से चार लीटर पानी पीने से OHSS को रोकने में मदद मिल सकती है।

3) आईवीएफ ट्रीटमेंट के बाद

क्या करें

  • स्वस्थ रहने की कोशिश जारी रखें और साथ ही संतुलित आहार खाना जारी रखें।
  • तनावमुक्त रहने की कोशिश करें और अपने तनाव के स्तर को कम रखें। तनावमुक्त रहने के लिए व्यायाम, योग, दवा की सहायता ले सकते हैं।
  • हमेशा ताजा और घर का बना खाना खाएं और 12 घंटे से अधिक पुराने भोजन से बचें।
  • पर्याप्त नींद लें।
  • बहुत पानी और तरल पदार्थों का सेवन करते रहें।
  • अपनी सोच को सकारात्मक रखें।

क्या ना करें

  • धूम्रपान ना करें।
  • शाराब का सेवन ना करें।
  • कैफीन युक्त पदार्थों का सेवन ना करें।
  • भारी वजन न उठाएं या शारीरिक रूप से खुद को तनाव ना दें। क्योंकि इसका आईवीएफ चक्र पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है।

मेडिकवर फर्टिलिटी आईवीएफ क्लिनिक सबसे अच्छे आईवीएफ क्लीनिकों में से एक है।

मेडिकवर फर्टिलिटी एक अंतराष्ट्रीय फर्टिलिटी क्लिनिक हैं। यहाँ एडवांस्ड तकनीकों और उपकरणों के प्रयोग से जाँच की प्रक्रिया की जाती है। मेडिकवर फर्टिलिटी ने आईवीएफ के कई सफल ट्रीटमेंट किए है, जिससे अनगिनत निःसंतान दम्पत्तिओं के माता-पिता बनने का सपना पूरा हुआ है। यहाँ के फर्टिलिटी डॉक्टर और एम्ब्रियोलॉजिस्ट बहुत ही अनुभवी और उच्च सफलता दर के ट्रीटमेंट देने में पूरी तरह से सक्षम हैं। साथ ही मेडीकवर फर्टिलिटी में आपकी जानकारी पूर्ण रूप से गुप्त रखी जाती है।

मेडिकवर फर्टिलिटी में आर आई विटनेस (RI Witness) का प्रयोग किया जाता है। आई वी एफ लैब में होने वाली संभावित किसी भी प्रकार की गलतियों को रोकने में आरआई विटनेस से मदद मिलती है। इससे यह सुनिश्चित होता है की एम्ब्र्यो के लिए आपका ही सैंपल (एग और स्पर्म) का प्रयोग किया गया है। लोगों में आजकल इसके बारे में फिल्मों को देखने के बाद काफी जागरूकता बढ़ गई है। मेडिकवर फर्टिलटी में यह सुविधा पहले से ही उपलबध है, जिसका लाभ कई दम्पत्तियों को मिला है।

यदि आपको इस विषय या इनफर्टिलिटी से से सबंधित कोई भी जानकारी चाहिए तो आप इस नंबर पर 7862800700 संपर्क कर सकते हैं।

लेखक Dr. Sweta Gupta