Recurrent Miscarriage in Hindi

गर्भपात की समस्या एक बहुत ही आम बात है। लेकिन बार-बार गर्भपात होना (Bar Bar Garbhpat Hona) एक समस्या की बात है। किसी भी महिला के जीवन में गर्भपात की स्थिति वास्तव में एक बहुत ही दुखद स्थिति होती है। इसका प्रभाव उनकी मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर पड़ता है। इसलिए ऐसी स्थिति में सकारात्मक रहना बहुत ही महत्वपूर्ण है।

बार-बार गर्भपात

जब गर्भावस्था के 20वें सप्ताह से पहले गर्भ में भ्रूण की मृत्यु हो जाए, तो उसे गर्भपात (Miscarriage Meaning in Hindi) कहा जाता है। और यदि लगातार 3 या उससे ज़्यादा बार गर्भपात हो जाए तो उसे रीकरन्ट मिसकैरेज (Recurrent Miscarriage Meaning in Hindi) कहा जाता है।

गर्भपात होने के लक्षण (Miscarriage Symptoms in Hindi)

  • पेट में ऐंठन या दर्द होना।
  • प्रेगनेंसी के समय पर योनि (Vagina) से ब्लीडिंग या हलकी स्पॉटिंग होती है, और ब्लीडिंग के साथ ब्लड क्लॉट्स का आना।
  • पीठ में बहुत ज़्यादा दर्द होना।
  • प्रेगनेंसी के लक्षणों का कम हो जाना जैसे स्तनों में दर्द होना, उलटी आना।

बार-बार गर्भपात होने के कारण (Baar Baar Garbhpat Hone Ke Karan)

गर्भपात यानि मिसकैरिज की वजह (Miscarriage Ki Wajah) या कारण कई हो सकते है। बार-बार मिसकैरिज होने के कारण (Baar Baar Miscarriage Hone Ke Karan) है -

  • महिला की 35 वर्ष से ज्यादा उम्र
  • आनुवंशिक/ क्रोमोसोमल असामान्यता (Genetic/ Chromosomal Abnormality)
  • इम्यूनोलॉजिकल डिसऑर्डर जैसे अस्थमा, एलर्जी, ऑटोइंफ्लेमेटरी सिंड्रोम
  • PCOS यानि Polycystic Ovary Syndrome
  • डायबिटीज, थाइरोइड, ऑस्टियोपोरोसिस और कुशिंग सिंड्रोम जैसी एंडोक्रिनोलॉजिकल डिसऑर्डर के कारण भी बार बार गर्भपात की समस्या हो सकती है।
  • अगर अंडे या स्पर्म की क्वालिटी अच्छी ख़राब क्वालिटी होने Embryo यानि भ्रूण ठीक से विकसित नहीं होता है।
  • यूटेरस में किसी प्रकार की समस्या हो या उसका आकार ठीक ना होना।
  • पर बहुत ज्यादा दबाव पड़ने या चोट लगने के कारण से भी मिसकैरेज होने की सम्भावना हो जाती है।

गर्भपात के बाद की सावधानियां

  • कम से कम दो मासिक चक्र पुरे करने के बाद ही दूबारा गर्भधारण करने का प्रयास करें।
  • गर्भपात के लक्षण नज़र आने पर या महसूस होने पर तुरन्त डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
  • यदि पहली बार गर्भपात हुआ है तो आपको काफी सावधानी रखनी चाहिए।
  • गर्भपात होने के बाद डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाई समय पर लें।
  • गर्भपात के बाद तनाव से दूर रहें और साथ ही अपनी सोच को सकारात्मक बनाए रखने का प्रयास करें।
  • महिला को गर्भपात होने के बाद लगभग 15 से 30 दिन तक आराम करना चाहिए।
  • गर्भपात के बाद कोशिश करें की एक महीने तक शारीरिक संबंध ना बनाए।
  • अधिक बुखार होने पर तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए।
  • पीठ दर्द होने पर आप आराम कर सकती है और अगर दर्द ज्यादा बढ़ जाए तो डॉक्टर से जाँच करवाए।
  • प्रेगनेंसी प्रतिक्रियाएं जैसे- मतली, ब्लीडिंग, सूजन आदि के महसूस होने पर डॉक्टर से सलाह लें। यह किसी तरह का इन्फेक्शन हो सकता है।

बार-बार गर्भपात के लिए उपचार

बार बार मिसकैरिज को रोकने के उपाय (Bar Bar Miscarriage Ko Rokne Ke Upay) के तौर पर यह विकल्प यह हो सकते है -

  • सर्जरी: सर्जरी के द्वारा गर्भाशय की समस्याओं को ठीक किया जाता है।
  • हेपरिन और एस्पिरिन जैसी रक्त पतला करने वाली दवाओं का उपयोग किया जा सकता है।
  • प्रोजेस्टेरोन : प्रोजेस्टेरोन दवाओं या सप्लीमेंट्स का उपयोग किया जाता है, क्योंकि यह गर्भावस्था को बनाए रखने के लिए आवश्यक हार्मोन है।
  • आई वी एफ यानि इन-विट्रो फर्टिलाइजेशन के द्वारा गर्भपात होने के बाद गर्भधारण (Miscarriage Ke Baad Pregnancy in Hindi) करने में सहायता मिलती है।

IVF - आई वी एफ की प्रक्रिया में महिला के अंडाशय (ओवरी) से अंडे को निकालकर, उसे पुरुष के शुक्राणु के साथ लैब में निषेचित (फर्टिलाइज़) किया जाता है। फर्टिलाइज़्ड होने के बाद तैयार हुए भ्रूण को महिला के गर्भाशय (यूटेरस) में ट्रांसफर किया जाता है।

  • आई वी एफ के द्वारा हम अच्छे क्वालिटी के अंडे और स्पर्म को चुनते है जिससे अच्छी क्वालिटी का भ्रूण तैयार होता है, और इस तरह गर्भपात होने के आसार कम हो जाते है।
  • ट्रीटमेंट से पहले आनुवंशिक/ क्रोमोसोमल असामान्यता को दवाइयों द्वारा ठीक किया जाता है और फिर आई वी एफ की प्रक्रिया द्वारा गर्भधारण हो सकता है।
  • आई वी एफ ट्रीटमेंट से पहले किसी भी प्रकार की इम्यूनोलॉजिकल समस्याएं, एंडोक्रिनोलॉजिकल डिसऑर्डर या हार्मोनल असंतुलन को नियंत्रण किया जाता है।

बार-बार गर्भपात की सफल कहानी

हमारी शादी को 5 साल से भी ज़्यादा समय हो गया था। लेकिन फिर भी कई कोशिशों और इलाज के बाद भी हमारा एक बच्चे के बिना परिवार अधूरा था। बार बार की कोशिशों के बाद गर्भ तो धारण होता था लेकिन बार बार गर्भपात हो जाता था।

एक दिन इंटरनेट सर्फ करते समय मुझे मेडीकवर फर्टिलिटी क्लिनिक के बारे में पता चला और अगले दिन हम वहां गए।

डॉक्टर ने कुछ टेस्ट करवाए। टेस्ट की रिपोर्ट के बाद उन्होंने हमें आई वी एफ करवाने की सलाह दी। साथ ही आई वी एफ प्रक्रिया के बारे में हमें समझाया।

मेडीकवर फर्टिलिटी के ज़रिए ही हमें संतान का सुख मिला है। धन्यवाद मेडिकवर फर्टिलिटी!

बार-बार गर्भपात होने के बावजूद गर्भधारण के लिए मेडिकवर फर्टिलिटी एक अच्छा विकल्प है।

मेडिकवर फर्टिलिटी यूरोप के सर्वश्रेष्ठ फर्टिलिटी क्लीनिकों में से एक है। साथ ही यहाँ आधुनिक उपकरणों से जाँच की प्रक्रिया की जाती है।

मेडिकवर फर्टिलिटी ने रीकरन्ट मिसकैरेज से पीड़ित बहुत सी महिलाओं के, माँ बनने के सपने को पूरा करने में उनकी मदद की है। यहाँ के डॉक्टर सभी तरह के ट्रीटमेंट करने के लिए पूर्ण रूप से सक्षम हैं। साथ ही मेडिकवर फर्टिलिटी में आपकी जानकारी पूर्ण रूप से गुप्त रखी जाती है। इस विषय में किसी भी प्रकार की जानकारी के लिए इस नंबर +917862800700 पर संपर्क कर सकते है।

मेडिकवर फर्टिलिटी में आर आई विटनेस (RI Witness) का प्रयोग किया जाता है। आई वी एफ लैब में होने वाली संभावित किसी भी प्रकार की गलतियों को रोकने में आरआई विटनेस से मदद मिलती है। इससे यह सुनिश्चित होता है की एम्ब्र्यो के लिए आपका ही सैंपल (एग और स्पर्म) का प्रयोग किया गया है। लोगों में आजकल इसके बारे में फिल्मों को देखने के बाद काफी जागरूकता बढ़ गई है। मेडिकवर फर्टिलटी में यह सुविधा पहले से ही उपलबध है, जिसका लाभ कई दम्पत्तियों को मिला है।

FAQs

प्रश्न : रिकरंट मिसकैरिज की समस्या कितनी आम हैं? (How common are recurrent miscarriages?)

उत्तर : गर्भपात होना बहुत ही आम से बात है लेकिन रिकरंट मिसकैरिज यानि बार बार गर्भपात होना समस्या का संकेत हो सकता है।

प्रश्न : गर्भपात के लिए कौन सा सप्ताह सबसे आम है? (What week is most common for miscarriages?)

उत्तर : ज़्यादातर गर्भपात गर्भावस्था के 12 वें सप्ताह से पहले ही होते हैं। 13 वें और 19 वें सप्ताह के बीच में गर्भपात होने की संभावना 1 से 5 प्रतिशत होती है।

प्रश्न : क्या खराब शुक्राणु गर्भपात का कारण बन सकते हैं? (Can bad sperm cause a miscarriage?)

उत्तर : हाँ, ख़राब शुक्राणु के कारण एम्ब्र्यो की क्वालिटी प्रभावित होती है, जिस कारण से ख़राब क्वालिटी का एम्ब्र्यो गर्भाशय में इम्प्लांट नहीं हो पाता है।

References

https://academic.oup.com/humupd/article/8/5/463/656070

https://www.sciencedirect.com/science/article/pii/014067369092159F

https://link.springer.com/chapter/10.1007/978-1-4419-1436-1_17

https://academic.oup.com/humrep/article/17/2/446/568974

https://www.sciencedirect.com/science/article/pii/S0165037810000148