PCOS and Pregnancy in Hindi

बांझपन की समस्या से पीड़ित लगभग एक-तिहाई महिलाओं में पीसीओएस की बीमारी पाई गई है। यह बांझपन के मुख्य कारणों में से एक है जिसके कारण उन्हें गर्भधारण होने में दिक्कते होती है। पीसीओएस को लेकर लोगों के बीच मिथक है की इस बीमारी के कारण महिला गर्भवती नहीं हो सकती हैं, वास्तव में इसके लिए उपचार मौजूद है जिनकी मदद से महिला का गर्भधारण हो सकता है।

PCOS क्या है?

पीसीओएस (PCOS in Hindi) महिलाओं में होने वाली बीमारी है जो हॉर्मोन परिवर्तन के कारण होती है इस बीमारी में महिला के शरीर में पुरुष हॉर्मोन की मात्रा बढ़ने लगती है। जिस कारण से महिला की ओवरी में सिस्ट बन जाते है।

पीसीओएस के लक्षण

निम्नलिखित पीसीओएस के लक्षण (PCOS Ke Lakshan) है-

  • अनियमित पीरियड्स
  • अधिक वजन बढ़ना
  • अनचाहे अंगों पर बालों का उगना
  • बालों का झड़ना
  • स्वाभाव में बदलाव यानि मूड स्विंग्स
  • बांझपन यानि इनफर्टिलिटी
  • मुंहासे या तैलीय त्वचा
  • सोने में परेशानी

पीसीओएस का उपचार

पीसीओडी का उपचार (PCOS Treatment in Hindi) इसके लक्षणों को कम व खत्म करने के उद्देश्य से किया जाता है।

  • पीसीओएस के उपचार के तौर पर जीवन शैली में बदलाव करने की सलाह दी जाती है जैसे रोज़ व्यायाम करें और डॉक्टर द्वारा बताई गई डाइट के मुताबिक आहार लें।
  • डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाइयों के सेवन से हार्मोन को संतुलन में लाया जा सकता है।
  • ओव्यूलेशन इंडक्शन भी एक उपचार के तौर पर करवाया जा सकता है।

पीसीओएस में गर्भधारण के लिए क्या करें?

पीसीओएस के कारण महिलाओं में बांझपन बहुत आम है। स्वाभाविक रूप से फर्टिलिटी को बढ़ाने के लिए जीवन शैली में बदलाव करने की सलाह दी जाती है।

पीसीओएस की समस्या के बावजूद भी अगर महिला गर्भवती होना चाहती हैं, तो उन्हें एक फर्टिलिटी डॉक्टर के पास जाना चाहिए। वह शुरूआती टेस्ट के आधार पर, मरीज को समय पर संभोग या अंतर्गर्भाशयी गर्भाधान यानि इंट्रायूटेरिन इनसेमिनेशन (IUI) के साथ ओव्यूलेशन इंडक्शन मेडिसिन शुरू करने की सलाह दे सकते हैं।

इन उपचार विकल्प के लिए महत्वपूर्ण है कि फैलोपियन ट्यूब खुले हो और शुक्राणु की संख्या सामान्य होनी चाहिए।

आई यू आई - इस प्रक्रिया में शुक्राणु को लैब में साफ़ करने के बाद ओव्यूलेशन के समय महिला के गर्भाशय में ट्रांसफर किया जाता है।

यदि कुछ प्रयासों के बाद संभोग या IUI के बाद भी किसी कारण से गर्भधारण नहीं होता है, तो डॉक्टर इन विट्रो फर्टिलाइज़ेशन (IVF) की सलाह दे सकते हैं। इसमें फैलोपियन ट्यूब ब्लॉकेज होने के बावजूद भी गर्भधारण किया जा है।

आई वी एफ - इस प्रक्रिया में अंडे को शुक्राणु के साथ लैब में निषेचित किया जाता है और निषेचन की प्रक्रिया के बाद जो भ्रूण बनता है उसे महिला के गर्भाशय में ट्रांसफर किया जाता है।

पीसीओएस में गर्भधारण के लिए मेडिकवर फर्टिलिटी एक अच्छा विकल्प है।

मेडीकवर फर्टिलिटी एक अंतरराष्ट्रीय फर्टिलिटी क्लिनिक है। यहाँ सभी तरह के बांझपन की समस्या का इलाज किया जाता है। साथ ही आपकी जानकारी पूर्ण रूप से गुप्त रखी जाती है। मेडिकवेर फर्टिलिटी ने पीसीओएस से पीड़ित महिलाओं के माँ बनने में उनकी मदद की है। यदि आपको इस विषय से सबंधित कोई भी जानकारी चाहिए तो आप इस नंबर पर +917862800700 संपर्क कर सकते हैं।

FAQs

प्रश्न: क्या पीसीओएस के लिए आईवीएफ सही उपचार है? (Will IVF work for PCOS?)

उत्तर: पीसीओएस की समस्या में महिलाओं में नियमित तौर पर ओव्यूलेशन नहीं होता है। इसलिए आई वी एफ के ज़रिए भ्रूण का निर्माण लैब में हो जाने के बाद महिलाओं को गर्भधारण होने मदद मिलती है।

प्रश्न: पीसीओएस के लिए आई यू आई या आई वी एफ में से क्या बेहतर है? (Is IUI or IVF better for PCOS?)

उत्तर: पीसीओएस की समस्या में आई यू आई से गभधारण हो सकता है लेकिन उसके लिए फैलोपियन ट्यूब खुले होने चाहिए। फैलोपियन ट्यूब ब्नद होने पर आई वी एफ से गर्भधारण हो सकता है।