Nil Shukranu Ke Karan

पुरुषों में निःसंतानता के कारण शुक्राणु की खराब क्वालिटी, कम संख्या और निल शुक्राणु होता है। वीर्य में स्पर्म काउंट कम होने या निल शुक्राणु के कारण महिला के गर्भधारण होने में समस्या आती है।

पुरुष बांझपन क्या है?

किसी भी पुरुष के एक पिता बनने में असमर्थ होने को पुरुष बांझपन कहा जाता है।

यदि किसी पुरुष के, एक साल तक यौन संबंध के प्रयास के बाद भी महिला गर्भवती नहीं हो पाती है, तो इसका मतलब है कि उस पुरुष को बाँझपन की समस्या है।

पुरुष निःसंतानता के कारण क्या हो सकते है?

  • निल शुक्राणु यानि एज़ूस्पर्मिया
  • लौ स्पर्म काउंट यानि शुक्राणु की कमी और शुक्राणु की ख़राब गुणवत्ता
  • वास-डेफेरेंस की जन्मजात से अनुपस्थिति होना
  • शुक्राणु की गतिशीलता यानि शुक्राणु की गति ठीक ना होना
  • वेरिकोसिल की समस्या होना
  • पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन की कमी
  • जेनेटिक यानि अनुवांशिक कारण
  • हार्मोनल असंतुलन के कारण
  • संक्रमण यानि इन्फेक्शन
  • एंडोक्राइन डिसऑर्डर्स की वजह से भी पुरुष बांझपन की समस्या हो सकती है

90 प्रतिशत पुरुषों में निःसंतानता का कारण शुक्राणु की ख़राब क्वालिटी, कम संख्या और निल शुक्राणु है। सीमेन यानि वीर्य में स्पर्म काउंट कम होता है, या फिर शुक्राणु मौजूद ही नहीं होते हैं, तो इससे महिला को गर्भधारण करने में समस्या आती है।

निल शुक्राणु क्या है?

निल शुक्राणु जिसे एज़ूस्पर्मिया भी कहा जाता है, यह पुरषों में बांझपन का आम कारण है। निल शुक्राणु की समस्या में पुरुष के सीमेन यानि वीर्य में शुक्राणु की संख्या शून्य हो जाती है। जिस कारण से महिला का गर्भधारण नहीं हो पाता है।

एज़ूस्पर्मिया के दो प्रकार होते है: ऑब्सट्रक्टिव (OA) और नॉन-ऑब्स्ट्रक्टिव (NOA)

  • ऑब्सट्रक्टिव एजूस्पर्मिया (Obstructive Azoospermia) - इसका मतलब है कि शुक्राणु प्रजनन ट्यूब में कोई रूकावट होने के कारण बहार नहीं निकल पाते हैं।
  • नॉन-ऑब्सट्रक्टिव एजूस्पर्मिया (Non-Obstructive Azoospermia in Hindi) - इसका मतलब है कि ट्यूब खुले हैं, लेकिन शुक्राणु उत्पादन में समस्या है।

निल शुक्राणु के कारण (Nil Shukranu Ke Karan)

पुरुषों में निल शुक्राणु कई कारणों से हो सकते है -

  • संक्रमण यानि इन्फेक्शन
  • टेस्टिकल पर गर्मी के कारण वीर्य में शुक्राणुओं की संख्या कम हो जाती है। ज्यादा तंग अन्डर वीयर, गरम पानी से स्नान करना, बहुत देर तक गरम पानी के टब में बैठने और मोटापा होने से निल शुक्राणु की समस्या हो सकती है।
  • बार-बार वीर्य संख्लन करना
  • अधिक रेडिएशन (Radiation) और X- Ray के सम्पर्क में आना
  • प्रोस्टेट ग्लैंड की समस्या
  • अधिक शारीरिक और मानसिक परिश्रम करना
  • शरीर में ज़िन्क तत्व की कमी होना
  • धूम्रपान व शराब का सेवन करना
  • तनाव

निल शुक्राणु का इलाज (Nil Shukranu Ka Ilaj)

निल शुक्राणु का उपचार समस्या के प्रकार पर निर्भर करेगा।

नॉन-ऑब्सट्रक्टिव एजूस्पर्मिया के इलाज के लिए डॉक्टर आपको कुछ सुझाव दे सकते है जैसे जीवन शैली में बदलाव करें, दवाइयां, विषाक्त पदार्थों से बचना शुरू करें। कुछ अन्य निल शुक्राणु उपचार भी उपलब्ध है जैसे-

  • सर्जरी - जन्मजात अनुपस्थिति की समस्या को छोड़कर, अवरोधक एज़ोस्पर्मिया यानि के अन्य सभी कारणों को माइक्रोसर्जरी या एंडोस्कोपिक (Endoscopic) सर्जरी से ठीक किया जा सकता है।
  • हॉर्मोन ट्रीटमेंट - कुछ मामलों में हॉर्मोन टीटमेंट की मदद से निल शुक्राणु का इलाज किया जाता है।
  • Varicocelectomy - यदि कसी पुरुष को वैरीकोसेल की समस्या है तो उन्हें वारिकसेलेक्टोमी की सलाह दी जा सकती है। यह एक सर्जरी है जो पुरुषों के प्रजनन अंग में बढ़ी हुई नसों को हटाने के लिए की जाती है।

ऑब्सट्रक्टिव एजूस्पर्मिया यानि अवरोध की समस्याओं वाले रोगी गर्भधारण करने के लिए असिस्टेड रिप्रोडक्टिव तकनीक के साथ शुक्राणु पुनर्प्राप्ति का चयन कर सकते हैं।

  • आई यू आई (IUI) : अंतर्गर्भाशयी गर्भाधान यानि इंट्रा यूटराइन इनसेमिनेशन की प्रक्रिया में शुक्राणु को लैब में साफ करने के बाद सीधे महिला साथी के गर्भाशय में ट्रांसफर किया जाता है।
  • आई वी एफ (IVF) : इन-विट्रो फर्टिलाइज़ेशन की प्रक्रिया में महिला के अंडे और पुरुष के शुक्राणु को एक प्रयोगशाला में फर्टिलाइज़ किया जाता है। जिससे एक भ्रूण बनता है और फिर इस भ्रूण को महिला के गर्भाशय में ट्रांसफर किया जाता है।
  • आई सी एस आई (ICSI) : इंट्रा साइटोप्लास्मिक स्पर्म इंजेक्शन, आई वी एफ की एडवांस्ड तकनीक है, जिसमें एक स्वस्थ शुक्राणु को महिला के अंडे में इंजेक्ट किया जाता है।
  • डोनर स्पर्म के साथ आई वी एफ : इस प्रक्रिया में एक डोनर पुरुष के शुक्राणु के साथ महिला के अंडे को फर्टिलाइज़ किया जाता है, फिर भ्रूण को महिला के गर्भाशय में ट्रांसफर किया जाता है।
पुरुष निःसंतानता के उपचार के लिए मेडिकवर फर्टिलिटी एक अच्छा विकल्प है।

मेडिकवर फर्टिलिटी ने पुरुष निःसंतानता के कई सफल ट्रीटमेंट किए हैं, जिनसे कई लोगों को माता-पिता बनने का सुख प्राप्त हुआ है। मेडिकवर फर्टिलिटी यूरोप के सर्वश्रेष्ठ फर्टिलिटी क्लीनिकों में से एक है। साथ ही यहाँ आधुनिक उपकरणों से इलाज की प्रक्रिया की जाती है। यहाँ के डॉक्टर सभी तरह के ट्रीटमेंट करने के लिए पूरी तरह से सक्षम हैं। साथ ही मेडीकवर फर्टिलिटी में आपकी जानकारी गुप्त रखी जाती है। यदि आपको इस विषय या इनफर्टिलिटी से सबंधित कोई भी जानकारी चाहिए तो आप इस नंबर पर +917862800700 संपर्क कर सकते हैं।

FAQs

प्रश्न: निल शुक्राणु क्या होता है? (Nil Shukranu Kya Hota Hai)

उत्तर:निल शुक्राणु का मतलब होता है किसी पुरुष के वीर्य में शुक्राणु का ना होना यानि शुक्राणु की संख्या शून्य हो जाती है।

प्रश्न: शुक्राणु बढ़ाने की दवा कौन सी है? (Shukranu Badhane ki Dawa)

उत्तर:शुक्राणओं को बढ़ाने के लिए डॉक्टर कुछ दवाईयों जैसे क्लोमीफीन साइट्रेट, एंटीऑक्सिडेंट्स और विटामिन सप्लीमेंट्स की सलाह दे सकते है। साथ ही शुक्राणु बढ़ाने के उपाय (Shukranu Badhane Ke Upay in Hindi) के तौर पर जीवनशैली में कुछ बदलाव का सुझाव देते है।

प्रश्न: स्पर्म यानि शुक्राणु कैसे बनते है?

उत्तर: लिंग के नीचे की तरफ एक स्क्रोटम (Scrotum) की थैली होती है। स्क्रोटम पुरुष हार्मोन टेस्‍टोस्‍टेरोन और शुक्राणुओं का उत्पादन करते हैं।