Male Infertility in Hindi

किसी भी पुरुष के एक पिता बनने में असमर्थ होने को पुरुष बांझपन (Male Infertility in Hindi) कहा जाता हैं। बांझपन एक वह समस्या है, जिसमें दंपत्ति, एक वर्ष या उससे अधिक समय के प्रयास के बाद भी गर्भधारण करने में असमर्थ होते है। 90 प्रतिशत के करीब पुरुषों में इनफर्टिलिटी यानि बांझपन का कारण शुक्राणु की कमी और खारब क्वालिटी है। सीमेन यानि वीर्य में स्पर्म काउंट कम होता है, तो इससे महिला को गर्भधारण करने में समस्या आती है। इसके अलावा और भी कई अन्य पुरुष बांझपन के लक्षणों के संकेत हो सकते है।

पुरुष बांझपन क्या है? (What is Male Infertility in Hindi?)

पुरुष का किसी महिला के गर्भधारण करने में असमर्थ होने को, पुरुष बांझपन (Male Infertility Meaning in Hindi) कहा जाता है। यदि किसी पुरुष के, एक साल तक यौन-संबंध के प्रयास के बाद भी महिला गर्भवती नहीं हो पाती है, तो इसका मतलब है कि उस पुरुष को बांझपन की समस्या है। गर्भधारण ना होने का कारण महिला बांझपन भी हो सकता है।

पुरुष बांझपन के लक्षण

  • पुरुषों में बांझपन का मुख्य लक्षण है कि यौन-संबंध बनाने के बाद भी, महिला को गर्भवती करने में असक्षम होना।
  • टेस्टिकल की नसों का फैल जाना या शुक्राणु नली का बंद यानि ब्लॉक हो जाना।
  • यौन-संबंध बनाने में समस्या होना।
  • टेस्टिकल और इसके आसपास की जगहों में दर्द, सूजन और गांठ का बन जाना।
  • असामान्य रूप से छाती का बढ़ना जिसे Gynecomastia कहा जाता है।
  • शरीर और चेहरे पर बालों का कम होना।
  • लौ स्पर्म काउंट होना यानि वीर्य में 15 मिलियन/ मिलीलीटर से कम शुक्राणु का होना।
  • क्रोमोजोम में असामान्यता (Abnormality) या हॉर्मोन में असंतुलन भी पुरुष बांझपन के लक्षण हो सकते है।

पुरुष बांझपन के कारण

पुरुषों में बांझपन के कई कारण होते हैं। जैसे -

  • लौ स्पर्म काउंट - पुरुषों में बांझपन का मुख्य कारण शुक्राणु की ख़राब गुणवत्ता यानि क्वालिटी और कम संख्या है। जब वीर्य में स्पर्म काउंट कम होता है, तो इससे महिला को गर्भधारण करने में समस्या आ सकती है।
  • जन्मजात असामान्यताएं - ऐसी समस्याएं जो पुरुषों में उनके जन्म के समय से मौजूद होती हैं। जैसे - वास-डेफेरेंस की जन्मजात से अनुपस्थिति होना (जो एक ट्यूब की अनुपस्थिति है जिसके द्वारा टेस्टिकल (अंडकोष) से शुक्राणु बाहर निकलते है। ऐसी स्थिति में वीर्य के स्खलन होने में समस्या होती है।
  • एंडोक्राइन डिसऑर्डर्स - हमारी अंतःस्रावी प्रणाली यानि एंडोक्राइन सिस्टम में कई ग्रंथियां होती हैं जो शरीर में प्रमुख हार्मोन के उत्पादन को नियंत्रित करती हैं। ये हार्मोन शरीर के विकास में मदद करते हैं। पिट्यूटरी, थायराइड या एड्रेनल जैसे प्रमुख हार्मोनों की खराबी से बांझपन की समस्या हो सकती है।
  • जेनेटिक/ आनुवंशिक असामान्यताएं - क्रोमोजोम में किसी तरह का परिवर्तन शुक्राणु के उत्पादन या शुक्राणु के प्रवाह में रुकावट पैदा कर सकते हैं।
  • शुक्राणु की गतिशीलता - शुक्राणु की गति ठीक ना होने के कारण, यह महिला के अंडे के साथ निषेचित (फर्टिलाइज़) नहीं हो पाता है।
  • वेरिकोसिल - इस स्थिति में टेस्टिकल की नसे सूज जाती हैं। वेरिकोसिल शुक्राणु उत्पादन में कमी या शुक्राणु की गुणवत्ता के सबसे सामान्य कारणों में से एक है।
  • संक्रमण - पुरुषों के गुप्तांगों में संक्रमण यानि इन्फेक्शन होने से भी उन्हें बांझपन की समस्या हो सकती है। कुछ इन्फेक्शन ऐसे होते हैं, जो शुक्राणु के बनने में बाधा उत्पन्न करते हैं और शुक्राणु की नली को बंद कर देते हैं। कुछ यौन संचारित संक्रमण (क्लैमाइडिया, गोनोरिया आदि) साथ ही मूत्रमार्ग में होने वाले अन्य संक्रमण के कारण कम शुक्राणुओं की समस्या हो सकती है।
  • औद्योगिक रसायन - औद्योगिक रसायन जैसे- लेड (Lead), X-Ray, रेडिएशन आदि से शुक्राणु के बनने में बाधा के साथ-साथ अन्य स्वास्थ्य समस्या भी हो सकती है।
  • वृषण का अधिक गर्म होना - जैसे गर्म पानी से अधिक नहाना, हॉट टब का रोज़ाना इस्तेमाल करना या लैपटॉप गोद में रखकर काम करना, आपके शुक्राणुओं की संख्या को प्रभावित करता है।
  • ट्यूमर - यदि किसी पुरुष को Tumour की समस्या हो, तो हॉर्मोन का उत्पादन करने वाली ग्रंथियां यानि ग्लैंड्स जैसे पिट्यूटरी ग्लैंड और प्रजनन अंग (Reproductive Organs), इससे प्रभावित हो सकते हैं।
  • रेडिएशन - अधिक रेडिएशन (Radiation) और X- Ray के प्रभाव से भी पुरुषों में शुक्राणु का बनना कम हो जाता है।
  • शराब - शराब के सेवन से टेस्टोस्टेरोन के स्तर में कमी आ जाती है साथ ही शुक्राणु की संख्या भी कम हो सकती है।
  • धूम्रपान - धूम्रपान ना करने वाले अन्य व्यक्तियों की तुलना में धूम्रपान करने वाले व्यक्तियों के अंदर शुक्राणुओं की संख्या कम होती है।
  • तनाव - यदि तनाव लंबे समय से हैं तो यह आपके शुक्राणु पैदा करने वाले कुछ हार्मोन को असंतुलित कर देता है।
  • मोटापा - अधिक वजन के कारण हार्मोन में बदलाव आ सकता है। जिस कारण पुरुषों में बांझपन की समस्या हो सकती है।

पुरुष बांझपन का इलाज (Male Infertility Treatment in Hindi)

पुरुष बांझपन के इलाज के लिए कई विकल्प उपलब्ध है, जो बांझपन की गंभीरता और समयावधि पर निर्भर करते है।

उनमें से कुछ प्रभावी पुरुष बांझपन उपचार के विकल्प हैं:

आई वी एफ - इन-विट्रो फर्टिलाइजेशन (IVF), असिस्टेड रिप्रोडक्टिव टेक्नोलॉजी (ART) की एक तकनीक है। आई वी एफ की प्रक्रिया में महिला के अंडाशय (ओवरी) से अंडे को निकालकर, उसे पुरुष के शुक्राणु के साथ लैब में निषेचित (फर्टिलाइज़) किया जाता है। फर्टिलाइज़ होने के बाद तैयार हुए भ्रूण को महिला के गर्भाशय (यूटेरस) में ट्रांसफर किया जाता है।

आई यू आई - अंतर्गर्भाशयी गर्भाधान यानि इंट्रायूटेरिन इनसेमिनेशन (IUI) उपचार एक सरल प्रक्रिया है, जिसमें शुक्राणु को लैब में साफ़ करने के बाद ओव्यूलेशन के समय महिला साथी के गर्भाशय में ट्रांसफर किया जाता है।

आई सी एस आई - इंट्रासाइटोप्लास्मिक स्पर्म इंजेक्शन (ICSI) एक असिस्टैड रिप्रोडक्टिव टेक्नीक है। यह एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें एक सबसे अच्छे और स्वस्थ स्पर्म को अंडे के साइटोप्लाज्म में इंजेक्ट किया जाता है।

डोनर स्पर्म के साथ आईवीएफ - इस प्रक्रिया में एक डोनर पुरुष के शुक्राणु के साथ महिला के अंडे को फर्टिलाइज़ किया जाता है, जिसके परिणामस्वरूप भ्रूण को गर्भाशय में ट्रांसफर किया जाता है।

पुरुष बांझपन की सफल कहानी

शादी के 6 साल बाद तक भी जब मेरी पत्नी का गर्भधारण नहीं हुआ, तो सबको लगने लगा था की मेरी पत्नी में ही कमी है। सब लोग उसे ताने देने लगे थे।

एक दिन इंटरनेट पर निःसंतानता के इलाज के बारे ढूंढते हुए मुझे मेडिकवर फर्टिलिटी के बारे में पता चला। मैंने उनके दिए नंबर पर फोन किया और अपॉइंटमेंट बुक की। फिर हम वहां गए और डॉक्टर से मिलें।

डॉक्टर ने कुछ टेस्ट करवाए टेस्ट के बाद पता चला मेरे शुक्राणुओं की कमी होने के कारण ही गर्भधारण नहीं हो रहा था। डॉक्टर ने हमें आई वी एफ करवाने की सलाह दी।

उसके बाद कुछ ही समय में हमें खुशखबरी मिली। मैं मेडिकवर फर्टिलिटी को दिल से धन्यवाद कहना चाहती हूँ।

पुरुष बांझपन के उपचार के लिए मेडिकवर फर्टिलिटी एक अच्छा विकल्प है।

मेडिकवर फर्टिलिटी ने पुरुष बांझपन के कई सफल ट्रीटमेंट किए हैं, जिनसे कई लोगों को माता-पिता बनने का सुख प्राप्त हुआ है। मेडिकवर फर्टिलिटी यूरोप के सर्वश्रेष्ठ फर्टिलिटी क्लीनिकों में से एक है। साथ ही यहाँ आधुनिक उपकरणों से जाँच की प्रक्रिया की जाती है। यहाँ के डॉक्टर सभी तरह के ट्रीटमेंट करने के लिए पूर्ण रूप से सक्षम हैं। साथ ही मेडीकवर फर्टिलिटी में आपकी जानकारी पूर्ण रूप से गुप्त रखी जाती है। यदि आपको इस विषय या इनफर्टिलिटी से से सबंधित कोई भी जानकारी चाहिए तो आप इस नंबर पर +917862800700 संपर्क कर सकते हैं।

मेडिकवर फर्टिलिटी में आर आई विटनेस (RI Witness) का प्रयोग किया जाता है। आई वी एफ लैब में होने वाली संभावित किसी भी प्रकार की गलतियों को रोकने में आरआई विटनेस से मदद मिलती है। इससे यह सुनिश्चित होता है की एम्ब्र्यो के लिए आपका ही सैंपल (एग और स्पर्म) का प्रयोग किया गया है। लोगों में आजकल इसके बारे में फिल्मों को देखने के बाद काफी जागरूकता बढ़ गई है। मेडिकवर फर्टिलटी में यह सुविधा पहले से ही उपलबध है, जिसका लाभ कई दम्पत्तियों को मिला है।

FAQs

प्रश्न : क्या पुरुषों में बांझपन अनुवांशिक है? (Is infertility in men hereditary?)

उत्तर : पुरुषों में अनुवांशिक समस्या के कारण बांझपन की समस्या हो सकती है। क्रोमोजोम में किसी तरह का परिवर्तन शुक्राणु के बनने या शुक्राणु के प्रवाह में रुकावट कर सकते हैं।

प्रश्न : क्या व्यायाम से शुक्राणु की गुणवत्ता में सुधार होता है? (Does exercise improve sperm quality?)

उत्तर : रिसर्च के अनुसार हफ्ते में कम से कम आधे घंटे व्यायाम करने से पुरुषों का स्पर्म काउंट बढ़ सकता है। लेकिन सही संतुलन बनाना महत्वपूर्ण है क्योंकि बहुत अधिक व्यायाम शुक्राणु उत्पादन को नुकसान पहुंचा सकता है।

प्रश्न : गर्भावस्था के लिए कितने शुक्राणु की ज़रूरत होती है? (How much sperm is enough for pregnancy?)

उत्तर : गर्भधारण के लिए केवल एक ही शुक्राणु की ज़रूरत होती ही क्योंकि अंडे के साथ एक ही शुक्राणु फर्टिलाइज़ होता है।

References:

https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC4236338/

https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC3746399/

https://www.sciencedirect.com/science/article/pii/S1555415506002479

https://www.sciencedirect.com/science/article/abs/pii/S1472648310603380