IVF Fail Hone Ke Karan

आई वी एफ यानि इन विट्रो फर्टिलाइज़ेशन एक ऐसी तकनीक है जिसकी मदद से बाँझपन की समस्या से जूझ रहे लोगों को माता- पिता बनने का मौका मिलता है। पिछले कई वर्षों के दौरान बांझ दंपतियों के उपचार में काफी प्रगति हुई है। इसके बावजूद भी कुछ ऐसे दंपत्ति है जिन्हें आई वी एफ फेलियर का सामना करना पड़ता है।

आई वी एफ क्या है?

आई वी एफ की प्रक्रिया में महिला के अंडे को शरीर से बहार लैब में पुरुष साथी के शुक्राणु के साथ फर्टिलाइज़ किया जाता है। फर्टिलाइज़ अंडे को जिसे भ्रूण कहते है, उसे महिला के गर्भाशय में ट्रांसफर किया जाता है।

आई वी एफ फेल होने के कारण क्या हो सकते हैं?

आईवीएफ असफल होने के कारण-

  • महिला की उम्र - महिला की उम्र बढ़ने के साथ अंडों की गुणवत्ता और मात्रा कम हो जाती है।
  • एम्ब्र्यो क्वालिटी - एम्ब्र्यो की क्वालिटी अच्छी ना होने पर वह सही तरीके से गर्भाशय में इम्प्लांट यानि प्रत्यारोपित नहीं हो पाता है। या फिर ब्लास्टोसिस्ट स्टेज से पहले भ्रूण को ट्रांसफर किया जाए तो आई वी एफ फेल होने की संभावना अधिक होती है।
  • अंडे और शुक्राणु की क्वालिटी - यदि अंडे और शुक्राणु की क्वालिटी ख़राब हो तो इससे भ्रूण की क्वालिटी प्रभावित हो सकती है।
  • निषेचन (Fertilization) - फर्टिलाइजेशन की प्रक्रिया का ठीक तरह से ना होना।
  • एंडोमेट्रियल रिसेप्टिविटी (Endometrial Receptivity) - एंडोमेट्रियल (गर्भाशय की परत) की ग्रहणशीलता (रेसेप्टिविटी) कम हो यानि एंडोमेट्रियम की परत अच्छी ना हो तो भ्रूण ठीक तरह से इम्प्लांट नहीं हो पाता है।
  • FSH का ज़्यादा स्तर - FSH यानि Follicle Stimulating Hormone का स्तर ज़्यादा हो जाता है तो यह IVF की सफलता को कम कर सकता है।
  • क्रोमोसोमल असामान्यताएं (Chromosomal Abnormality) - माता या पिता दोनों में सी किसी एक या दोनों के क्रोमोसोम में किसी भी प्रकार की असामान्यता होना।
  • इम्युनोलॉजिकल समस्याएं - अस्थमा, एलर्जी, ऑटोइंफ्लेमेटरी सिंड्रोम जैसी इम्युनोलॉजिकल समस्याओं के होने के कारण से गर्भाशय में भ्रूण का इम्प्लांटेशन नहीं हो पाता है और इस कारण से भी आई वी एफ फेल हो सकता है।
  • तनाव - तनाव का आई वी एफ पर नकारत्मक प्रभाव पड़ सकता है।
  • धूम्रपान - धूम्रपान का महिला की सेहत व फर्टिलिटी दोनों पर बुरा प्रभाव पड़ता है, और यह भी एक आई वी एफ के फेल होने का एक कारण बन सकता है।

IVF फेल होने पर क्या करें?

एक दंपत्ति को आई वी एफ फेल होने के बाद क्या करना चाहिए? सबसे ज़रूरी है कि उन्हें अपनी सोच को सकारात्मक बनाए रखना चाहिए।

आई वी एफ फेल होने के बाद ऐसा नहीं है की उन्हें कामयाबी नहीं मिल सकती है क्योंकि आजकल आधुनिक तकनीकों, अच्छे आई वी एफ क्लिनिक, कुशल डॉक्टर और एम्ब्र्योलॉजिस्ट के संयोग से आई वी एफ सफल होने की संभावनाए अधिक हो जाती है।

एक अच्छे आई वी एफ क्लिनिक में सबसे पहले आई वी एफ फेल होने के कारण का निदान किया जाता है। उसके बाद उस कारण का निवारण किया जाता है। जिससे अगले आई वी एफ की सफलता की संभावना बढ़ जाती है। उनमें से कुछ निम्नलिखित है-

  • हिस्टेरोस्कोपी - इसमें गर्भाशय की जाँच की जाती है, जिसके आधार पर गर्भाशय में किसी भी प्रकार की समस्या का इलाज किया जाता है। साथ ही अगर फाइब्रॉएड या सिस्ट हो तो उन्हें हटा दिया जाता हैं।
  • स्टिमुलेशन - उत्तेजक औषधियों की मदद से एंडोमेट्रियम की रेसेप्टिविटी यानि ग्रहणशीलता बढ़ाई जा सकती है।
  • एंडोमेट्रियल रिसेप्टिविटी ऐरे (ERA) - यह एक टेस्ट है जिससे भ्रूण को प्रत्यारोपण करने के लिए सही समय का पता लगाया जाता है और फिर भ्रूण को ट्रांसफर किया जाता है।
  • ब्लास्टोसिस्ट ट्रांसफर - फर्टिलाइज़ेशन के बाद भ्रूण पाँचवे दिन तक ब्लास्टोसिस्ट स्टेज में विकसित हो जाता है और तब गर्भाशय में ट्रांसफर किया जाए तो गर्भधारण की संभावना बढ़ जाती है।
  • दवाईयां - अगर एंडोमेट्रियम की परत पतली है तो उसके ठीक तरह से विकास और रक्त प्रवाह को बेहतर बनने के लिए एस्पिरिन और वैजाइनल सिल्डेनाफिल जैसी दवाईयां दी जाती है।

कुछ एडवांस्ड तकनीकों के आई वी एफ के साथ संयोग से भी सफलता की संभावना बढ़ सकती है। जैसे-

आई सी एस आई (ICSI) - इंट्रासाइटोप्लास्मिक स्पर्म इंजेक्शन एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें एक सबसे अच्छे और स्वस्थ स्पर्म को अंडे के साइटोप्लाज्म में इंजेक्ट किया जाता है।

डोनर आई वी एफ (Donor IVF) - अगर अंडे और शुक्राणु की क्वालिटी अच्छी नहीं है तो डोनर के साथ IVF के विकल्प पर विचार कर सकते है। डोनर आई वी एफ में अगर अंडे की क्वालिटी अच्छी ना होने पर अंडा एक डोनर महिला से ले सकते है या फिर शुक्राणु की क्वालिटी ख़राब होने पर, पुरुष डोनर से शक्राणु ले सकते है।

अस्सिटेड हैचिंग (Assisted Hatching) - इसमें एम्ब्र्यो को ट्रांसफर करने से पहले ज़ोना पेलिसुड़ा जो अंडे की बाहरी परत (खोल) होती है, उसमें एक छोटा सा छेद किया जाता है। यह छेद केमिकल, लेज़र या फिर एक मिक्रोमणिपुलटोर से किया जाता है। जिससे एम्ब्र्यो को गर्भाशय में सही तरीके से प्रत्यारोपण यानि इम्प्लांट होने में मदद मिलती है।

आई वी एफ की सफल कहानी

शादी के 5 साल तक कई कोशिशों और इलाज के बाद भी मेरा माँ बनने का सपना अधूरा था। फिर एक दिन मेरी सहेली ने मेडीकवर फर्टिलिटी क्लिनिक के बारे में बताया और अगले दिन हम वहां गए। डॉक्टर ने कुछ टेस्ट करवाए। हमने उन्हें बताया की मेरा पहले ही एक आई वी एफ फेल हो चूका था। उसके बाद उन्होंने आई वी एफ फेल होने के कारण पता किया और फिर हमारा ट्रीटमेंट शुरू हुआ और पहली कोशिश में ही मेरा गर्भधारण हो गया। मैं मेडीकवर फर्टिलिटी की बहुत आभारी हूँ कि उन्होंने मेरे माँ बनने के सपने को पूरा किया।

आई वी एफ के सफल ट्रीटमेंट के लिए मेडिकवर फर्टिलिटी अच्छे क्लीनिकों में से एक है।

मेडिकवर फर्टिलिटी एक अंतराष्ट्रीय फर्टिलिटी क्लिनिक हैं। यहाँ एडवांस्ड तकनीकों और उपकरणों के प्रयोग से इलाज की प्रक्रिया की जाती है।

मेडिकवर फर्टिलिटी ने आई वी एफ के कई सफल ट्रीटमेंट किए हैं। यहाँ के डॉक्टर आई वी एफ, आई सी एस आई, डोनर आई वी एफ जैसे सभी तरह के ट्रीटमेंट करने के लिए पूरी तरह से सक्षम हैं। साथ ही मेडीकवर फर्टिलिटी में आपकी जानकारी पूर्ण रूप से गुप्त रखी जाती है। यदि आपको इस विषय या इनफर्टिलिटी से से सबंधित कोई भी जानकारी चाहिए तो आप इस नंबर पर +917862800700 संपर्क कर सकते हैं।

FAQs

प्रश्न: क्या तनाव आई वी एफ की सफलता को प्रभावित करता है? (Does stress affect IVF success?

उत्तर: हाँ, तनाव आई वी एफ की सफलता को प्रभावित कर सकता है क्योंकि इसका आई वी एफ पर नकारत्मक प्रभाव पड़ता है। हालाँकि, इस बात का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।

प्रश्न: मैं अपने आई वी एफ को कैसे अधिक सफल बना सकती हूँ? (How can I make my IVF more successful?)

उत्तर: आई वी एफ को अधिक सफल बनाने के लिए अच्छे क्लिनिक का चयन करें, क्योंकि आई वी एफ की सफलता काफी हद तक कुशल आई वी एफ विशेषज्ञ, एम्ब्र्योलॉजिस्ट और लैब पर निर्भर करती है। आई वी एफ के बाद की सावधानियों का भी पालन करें।

प्रश्न: आई वी एफ के बाद क्या सावधानियाँ रखनी चाहिए? (IVF ke baad ki savdhani)

उत्तर: आई वी एफ के बाद तनावमुक्त रहने का प्रयास करें, संतुलित आहार लें, हल्का व्यायाम करें, साथ ही धूम्रपान, शराब और भारी वजह उठाने से परहेज़ करें।