Female Infertility in Hindi

महिला बाँझपन का अर्थ है कि महिलाओं में होने वाली बांझपन (Infertility in Hindi) की समस्या। विश्व भर में इनफर्टिलिटी की समस्या से जूझ रहे लोगों की संख्या दिन पर दिन बढ़ती ही जा रही है। इनफर्टिलिटी की समस्या महिला और पुरुष दोनों को सामान रूप से प्रभावित करती है।

महिला बाँझपन क्या है? (Female Infertility in Hindi)

किसी महिला के गर्भधारण करने में असक्षमता को, महिला बांझपन यानी फीमेल इनफर्टिलिटी कहा जाता है। यदि एक साल तक यौन संबंध के प्रयास के बाद भी किसी महिला के गर्भधारण होने में समस्या आ रही है, तो इसका मतलब है कि उस महिला में बांझपन (Infertility Means in Hindi) की समस्या हो सकती है। गर्भधारण ना होने का कारण पुरुष बाँझपन भी हो सकता है।

कुछ महिलाओं को शादी के बाद गर्भधारण होने में समस्या होती है और कुछ महिलों को एक बच्चे होने के बाद दूसरी बार गर्भधारण होने में मुश्किलें आती है।

महिलाओं में बांझपन के लक्षण (Infertility Symptoms in Female in Hindi)

  • महिला का गर्भधारण करने में असक्षम होना है।
  • अगर किसी महिला की पीरियड साइकिल बहुत लम्बी यानि 35 दिन या इससे अधिक की है या फिर बहुत छोटी यानि 21 दिन से पहले की है, तो यह भी महिला बाँझपन का एक लक्षण हो सकता है।
  • अनियमित पीरियड्स या पीरियड्स का ना आना। पीरियड्स के ना आने का मतलब होता है कि महिला के गर्भाशय (uterus) में ओवुलेशन नहीं हो रहा है यानि महिला के अंडाशय (ovary) से अंडे बहार निकलने में असक्षम हो जाते है।
  • चेहरे पर अनचाहे बालों का आना या सिर के बालों का झड़ना।

महिला बांझपन के कारण (Female Infertility Causes in Hindi)

महिलाओं में बांझपन के कारणों (Female Infertility Causes in Hindi) में शामिल है-

  • ओव्यूलेशन डिसऑर्डर : लगभग 15% महिलाएं ओवुलेशन विकारों के कारण बांझपन के साथ संघर्ष कर रही हैं। ओवुलेशन डिसऑर्डर में अंडे ओवरी से बहार नहीं निकल पाते हैं जिससे दम्पत्तिओं के लिए गर्भधारण करना असंभव हो जाता है।
  • एंडोक्राइन डिसऑर्डर : एंडोक्राइन डिसऑर्डर में शरीर की ग्रंथियां (glands) सामान्य से ज़्यादा या कम हॉर्मोन का उत्पादन करने लगती है, और हॉर्मोन के असंतुलन के कारण से बांझपन की समस्या हो सकती है।
  • ट्यूबल ब्लॉकेज : यह महिला बांझपन के संभावित कारणों में से एक है। फैलोपियन ट्यूब गर्भधारण होने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं क्योंकि यहाँ अंडे और शुक्राणु का निषेचन होता हैं। बंद यानि ब्लॉक फैलोपियन ट्यूब के कारण निषेचन की प्रक्रिया में बाधा आ जाती है।
  • एंडोमेट्रियोसिस : एंडोमेट्रियोसिस के साथ लगभग एक तिहाई महिलाएं बांझपन की समस्या के साथ संघर्ष कर रही हैं। इस समस्या में एंडोमेट्रियल टिशू गर्भाशय के बाहर बढ़ने लगते है, जिससे श्रोणि (pelvic) अंगों को नुकसान होता है और एक महिला के गर्भधारण होने में बाधा उत्त्पन्न करते हैं।
  • उम्र : कम उम्र यानि 20 वर्ष की उम्र में महिलाओं की फर्टिलिटी अधिक होती है और 35 के बाद उनकी फर्टिलिटी कम होने लगती है। ऐसा इलसिए क्योंकि उम्र के बढ़ने के साथ-साथ महिलाओं के अंडों की गुणवत्ता और मात्रा दोनों ही कम हो जाती हैं।
  • तनाव : तनाव हमारे वजन व हॉर्मोन को काफी हद तक प्रभावित कर सकता है, इसलिए तनाव के कारण भी महिलाओं में इनफर्टिलिटी की समस्या हो सकती है।
  • हार्मोनल असंतुलन : हॉर्मोनल असंतुलन के कारण थायराइड या पीसीओएस जैसी समस्या हो सकती है।
  • आधुनिक जीवनशैली : अधिक वजन या कम वजन का होना अस्वस्थ जीवनशैली का परिणाम है, जो एक महिला के मासिक चक्र को प्रभावित करता है और बांझपन का कारण बन सकता है।
  • अन्य विकार : अन्य कई विकार भी हैं, जो एक महिला की फर्टिलिटी को प्रभावित कर सकते हैं जैसे यूटेराइन फाइब्रॉएड, ऑटोइम्यून डिसऑर्डर, पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज, गर्भाशय का असामान्य आकार, पोलिप्स और संक्रमण यानि इन्फेक्शन।
  • शराब या ड्रग का सेवन करना : अधिक मात्रा में शराब या ड्रग के सेवन करने से फर्टिलिटी कम हो सकती हैक्यूंकि इससे महिला के अंडों पर नकारत्मक प्रभाव पड़ता है।

महिलाओं में बांझपन से बचाव

बांझपन की समस्या से बचाव के लिए

  • महिलाओं को रोज़ाना संतुलित आहार लेना चाहिए।
  • रोज़ व्यायाम करना चाहिए। व्यायाम करने से मोटापा कम होता है, और फर्टिलिटी भी अच्छी होती है।
  • धूम्रपान, शराब, तैलीय भोजन और कैफीन युक्त चीज़ो का सेवन ना करें।
  • तनाव से दूर रहें। तनाव को दूर करने के लिए रोज़ योग व ध्यान कर सकते है।

महिला बांझपन के इलाज (Female Infertility Treatment in Hindi)

महिला बाँझपन के लिए असिस्टेड रिप्रोडक्टिव की तकनीकें मौजूद हैं, जिनके प्रयोग से गर्भधारण किया जा सकता है।

महिला बाँझपन का इलाज बाँझपन की गंभीरता और समयावधि पर निर्भर करता है। सबसे पहले महिला की बाँझपन की समस्या के कारण का निदान किया जाता है उसके बाद पहले उस समस्या पर नियंत्रण यानि ठीक करने का प्रयास किया जाता है जैसे इम्यूनोलॉजिकल समस्याएं, एंडोक्रिनोलॉजिकल डिसऑर्डर या हार्मोनल असंतुलन को नियंत्रण किया जाता है। जिसके लिए डॉक्टर कुछ दवाइयों की सलाह दे सकते है या फिर ट्रीटमेंट से पहले आनुवंशिक/ क्रोमोसोमल असामान्यता को दवाइयों द्वारा ठीक किया जाता है और फिर आई वी एफ की प्रक्रिया द्वारा गर्भधारण हो सकता है।

IVF - इन-विट्रो फर्टिलाइजेशन, असिस्टेड रिप्रोडक्टिव टेक्नोलॉजी (ART) की एक तकनीक है। आई वी एफ की प्रक्रिया में महिला के अंडाशय से अंडे को निकालकर, उसे पुरुष के शुक्राणु के साथ लैब में फर्टिलाइज़्ड किया जाता है। फर्टिलाइज़्ड होने के बाद तैयार हुए भ्रूण को महिला के गर्भाशय में ट्रांसफर किया जाता है।

डोनर एग के साथ आई वी एफ - इसकी सलाह उन मामलों में दी जाती है जहाँ महिला के स्वस्थ अंडों की गुणवत्ता अच्छी नहीं होती है। इस प्रक्रिया में एक महिला डोनर के अंडाशय (ओवरी) से अंडे प्राप्त किए जाते हैं। अंडे प्राप्त करने से पहले पूरी तरह से महिला डोनर की जांच की जाती है। और फिर महिला के पति के शुक्राणु के साथ अंडे को निषेचित (फर्टिलाइज़्ड) किया जाता है, जिसके परिणामस्वरूप भ्रूण को गर्भाशय (यूटेरस) में ट्रांसफर किया जाता है।

IUI - अंतर्गर्भाशयी गर्भाधान यानि इंट्रायूटेरिन इनसेमिनेशन उपचार एक सरल प्रक्रिया है, जिसमें शुक्राणु को लैब में साफ़ करने के बाद ओव्यूलेशन के समय महिला साथी के गर्भाशय में ट्रांसफर किया जाता है। जिससे शुक्राणु के अंडे के साथ फर्टिलाइज़्ड होने की संभावना बढ़ जाती है।

लेप्रोस्कोपी -इस प्रक्रिया में एक लेप्रोस्कोप (सर्जिकल उपकरण) का उपयोग किया जाता है, जिसमें कैमरा और लाइट होती है। लैप्रोस्कोपी का उपयोग एंडोमेट्रियोसिस के इलाज और गर्भाशय में सिस्ट को हटाने के लिए किया जाता है।

महिला बांझपन की सफल कहानी

शादी के एक साल बाद से हमने एक बच्चे के लिए कोशिश करनी शुरू कर दी थी। हमारी शादी को 6 साल से भी ज़्यादा समय हो गया था लेकिन फिर भी कई कोशिशों के बाद भी सिर्फ नाकामी ही हाथ लगी। फिर एक दिन बांझपन के उपचार के लिए मैं इंटरनेट पर सर्च कर रही थी और मुझे मेडीकवर फर्टिलिटी क्लिनिक के बारे में पता चला।
अगले दिन ही हम मेडिकवर फर्टिलिटी गए। डॉक्टर ने हमारी पूरी बात को ध्यानपूर्वक सुना और कुछ टेस्ट करवाए। टेस्ट की रिपोर्ट से पता चला कि मेरी फैलोपियन ट्यूब ब्लॉक होने के कारण मेरा गर्भधारण नहीं हो पा रहा था। डॉक्टर ने हमें आई वी एफ करवाने की सलाह दी।
आई वी एफ प्रक्रिया के ज़रिए ही हमें एक संतान का सुख मिला है। मैं मेडीकवर फर्टिलिटी को दिल से धन्यवाद करना चाहती हूँ कि उन्होंने मेरे सपने को हकीकत में बदलने में हमारी मदद की।

महिला बांझपन और आई वी एफ के लिए मेडिकवर फर्टिलिटी एक अच्छा विकल्प है।

मेडिकवर फर्टिलिटी एक अंतराष्ट्रीय फर्टिलिटी क्लिनिक हैं। यहाँ एडवांस्ड तकनीकों और उपकरणों के प्रयोग से जाँच की प्रक्रिया की जाती है। मेडिकवर फर्टिलिटी ने महिला बांझपन के कई सफल ट्रीटमेंट किए हैं, जिनसे कई लोगों को माता-पिता बनने का सुख प्राप्त हुआ है। यहाँ के डॉक्टर सभी तरह के ट्रीटमेंट करने के लिए पूर्ण रूप से सक्षम हैं। साथ ही मेडीकवर फर्टिलिटी में आपकी जानकारी पूर्ण रूप से गुप्त रखी जाती है। यदि आपको इस विषय या इनफर्टिलिटी से से सबंधित कोई भी जानकारी चाहिए तो आप इस नंबर पर +917862800700 संपर्क कर सकते हैं।

FAQs

प्रश्न: महिला बांझपन की जांच कैसे की जाती है? (Infertility test for female in hindi)

उत्तर: महिला बांझपन की जांच कुछ टेस्ट के द्वारा की जाती है जैसे एएमएच टेस्ट, ओवुलेशन टेस्ट, अल्ट्रासॉउन्ड, वायरल मार्कर और हॉर्मोन के स्टार की जांच करने के लिए ब्लड टेस्ट।

प्रश्न: क्या तनाव बांझपन का कारण बनता है? (Does stress cause infertility?)

उत्तर: तनाव के कारण फर्टिलिटी पर काफी हद तक प्रभाव पड़ता है लेकिन इस बात का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। हालांकि, ज्यातर तनाव अंडे की गुणवत्ता को प्रभावित नहीं करते हैं, लेकिन यह प्रजनन समस्याओं के कारणों को जन्म दे सकता है।

प्रश्न: बांझपन क्या होता है? (Banjhpan kya hota hai)

उत्तर: बांझपन एक वह समस्या है, जिसमें दंपत्ति, एक वर्ष या उससे अधिक समय के प्रयास के बाद भी गर्भधारण करने में असमर्थ होते है।