Azoospermia Success Story in Hindi

मेरा नाम शिखा है, मैंने अपनी पढ़ाई पूरी कर ली थी और मेरे मम्मी-पापा एक अच्छा लड़का देखकर मेरी शादी करने की सोच रहे थे। 26 की उम्र में उनका सपना साकार हुआ। उन्हें मेरे योग्य वर मिल गया और फिर धूम-धाम से शादी की। मेरे ससुराल वाले बड़े ही मिलनसार और आधुनिक सोच वाले थे, लेकिन शादी के एक साल बाद उन्होंने बच्चे के लिए अपनी इच्छा सामने रखी। हमने बच्चे के लिए सोचा और डेढ़ साल तक प्राकृतिक रूप से कोशिश की, लेकिन न जाने किस कारण मेरा गर्भ नहीं ठहर पा रहा था। एक जॉइंट फैमिली होने के कारण, कुछ लोगों के ताने शुरू हो गए थे और आस-पड़ोस में भी बात होने लग गयी थी।

हम दोनों की चिंता भी बढ़ रही थी और घर वालों का दबाव भी बढ़ने लग गया था। प्राकृतिक रूप से माँ बनने में आने वाली दिक्कतों को जानने के लिए, हमने डॉक्टर से परामर्श लेने का विचार किया। मेरे पड़ोस में रहने वाली, मेरी एक दोस्त ने एक फर्टिलिटी क्लिनिक के बारे बताया, जहाँ डॉक्टर ने हमारे कुछ टेस्ट करवाएं।

टेस्ट की रिपोर्ट से यह सामने आया कि मेरे पति को शुक्राणु न बनने की समस्या है। डॉक्टर ने हमें आई वी एफ करवाने की सलाह दी। हम दोनों के मन में कई सवाल और उलझने थी इसलिए घर में बात न बताने का फ़ैसला लिया और इलाज शुरू करवाने के बारे में सोचा।

घर वालों से बात तो छुपा ली थी मगर बढ़ते दबाव से हम दोनों की दिक्कतें भी बढ़ने लग गयी थी। मेरे पति ने परेशानी के कारण सिगरेट का सेवन शुरू कर दिया था और मैं अपने सवालों के जवाबों को ढूढ़ रही थी। सवाल इस आई वी एफ की प्रकिया को लेकर थे, जैसे कि-

  • कितना खर्चा आयेगा?
  • दर्द कितना होगा?
  • कोई साइड-इफ़ेक्ट तो नहीं होगा?
  • बच्चा स्वस्थ तो होगा?
  • बच्चा हमारा ही होगा, इस बात का भरोसा कैसे मिलेगा?

इन सब सवालों के जवाब के लिए न जाने कितने क्लीनिकों के चक्कर काटे होंगे और न जाने कितने डॉक्टरों से मिलें होंगे। लेकिन मेरे इन सवालों के जवाब अक्सर अधूरे ही रह जाते थे।

एक दिन मेरे पति ने ऑफिस से आते ही कहा कि कल डॉक्टर के साथ अपॉइंटमेंट है, सुबह जल्दी तैयार हो जाना। मेरे लिए कोई बड़ी बात नहीं थी और मैंने कहा- ठीक है! हर बार की तरह कल भी शायद निराश लौटना पड़ेगा। उन्होंने कहा- शायद नहीं, मेरे दोस्त ने वही से ट्रीटमेंट लिया है और उसे जुडवा बच्चे हुए हैं। मेरे दोस्त ने बताया कि मेडिकवर फर्टिलिटी यूरोपियन क्लिनिक है और वह आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करते हैं। ट्रीटमेंट के समय पूरी पारदर्शिता के साथ-साथ प्रोसेस को देख भी सकते हैं। उनकी बातों में एक विश्वास नज़र आ रहा था, अब इंतजार था तो बस कल सुबह का।

22 अप्रैल वो तारीख है जिसने मेरे जीवन में एक नई उम्मीद को जन्म दिया। 11 बजे की अपॉइंटमेंट थी, लेकिन मैं अपने सवालों के जवाब के इंताजर में थी और हम आधा घंटा पहले ही पहुँच गए। वहां का स्टाफ काफी फ्रेंडली था, जिससे हमें बैचेनी थोड़ी कम हो रही थी। जब डॉक्टर के साथ हमारी मीटिंग हुई, उन्होंने हमारी सारी रिपोर्ट देखी और हमारी बात को बहुत धैर्य के साथ सुना। फिर डॉक्टर ने बताया कि हमारे केस में “आई सी एस आई” ट्रीटमेंट किया जाएगा। हमारे लिए यह शब्द बिलकुल नया था, हमारे चेहरे के भाव देखकर, डॉक्टर ने पूरी प्रक्रिया को समझाया और मन में चल रहे सारे सवालों के जवाब दिए।

लेकिन मेरा सबसे एहम सवाल था कि बच्चा हमारा ही होगा, इस बात का कैसे भरोसा मिलेगा? डॉक्टर ने मुस्कुरा के जवाब दिया कि हम यहाँ पेशेंट के साथ पूर्ण पारदर्शिता रखते हैं। आप चाहे तो भ्रूण किस तरह बनता है वह भी देख सकती है।

मेडिकवर फर्टिलिटी में मुझे मेरे हर सवाल का जवाब मिला। जिस कारण मेरा भरोसा मज़बूत हुआ और डॉक्टर द्वारा सुझाया गए ट्रीटमेंट “आई सी एस आई” की प्रक्रिया को शुरू करवाने का फ़ैसला लिया। 15 जनवरी को हमारे यहाँ नन्ही मुस्कान ने जन्म लिया। सच में मेडिकवर फर्टिलिटी के कारण ही मेरे माँ बनने का सपना साकार हो पाया है।