AMH Test in Hindi

एएमएच यानि एंटी-मुलेरियन हार्मोन (Anti Mullerian Hormone in Hindi) एक प्रकार एक हॉर्मोन होता है जो अंडाशय के अंदर मौजूद फॉलिकल्स के ग्रनुलोसा सेल (Granulosa Cells) के द्वारा बनाया जाता है। इस एएमएच के स्तर से हमें ओवेरियन रिज़र्व के बारे पता चलता है की ओवरी के अंदर कितने फॉलिकल्स या अंडे बचे हुए है। एएमएच की मात्रा का पता लगाने के लिए एएमएच टेस्ट (AMH Test in Hindi) किया जाता है। एंटी-मुलेरियन हार्मोन के स्तर में कमी ओवेरियन रिज़र्व में कमी को दर्शाता है जिसका मतलब है की महिला के अंडाशय में कम अंडे मौजूद है। जिसे लौ एएमएच के नाम से जाना जाता है।

एएमएच टेस्ट क्या है? (AMH Test Kya Hai in Hindi?)

AMH Blood Test in Hindi - यह एक प्रकार का ब्लड टेस्ट है जिससे एएमएच के स्तर का पता लगाने के लिए किया जाता है यानि महिला के अंडाशय में कितने अंडे बचे हुए है।

एएमएच टेस्ट कैसे किया जाता है? (AMH Test Kaise Hota Hai?)

इस टेस्ट में रोगी का ब्लड सैंपल लिया जाता है और फिर उसे टेस्ट के लिए लैब में भेजते है। जहाँ ब्लड में एएमएच की मात्रा की जांच की जाती है।

एएमएच कितना होना चाहिए? (AMH Kitna Hona Chahiye in Hindi?)

एएमएच का सामान्य स्तर 2.20 - 6.80 ng/mL होता है। अगर इसकी मात्रा 1 ng/ml से कम हो, तो उसे लौ एएमएच (Low AMH) कहा जाता है। जिन महिलाओं में एएमएच का स्तर कम होता है उन्हें गर्भधारण करने में समस्या होती है क्योंकि गर्भधारण के लिए उनके पास पर्याप्त अंडे नहीं होते है। एक महिला में उम्र के साथ अंडों की संख्या कम होती जाती है।

उम्र के साथ महिलाओं में अंडे कम क्यों होते जाते हैं?

एक लड़की जन्म के साथ निर्धारित अंडों के साथ पैदा होती है। जब वह लड़की बड़ी होती है और उसके पीरियड्स आने शुरू हो जाते है, तो हर महीने एक अंडा पीरियड्स के रूप में शरीर से बहार निकलता है। इस तरह से उम्र बढ़ने के साथ अंडों की संख्या कम हो जाती है। इसलिए कहा जाता है की कम उम्र की महिलाओं में ज़्यादा उम्र की महिलाओं के मुताबिक गर्भधारण की संभावना अधिक होती है क्योंकि उनके अंडाशयों में ज़्यादा अंडे मौजूद होते हैं।

एएमएच का स्तर कम होने पर गर्भधारण कैसे किया जा सकता है?

यदि किसी महिला के 1 वर्ष से अधिक समय से निरंतर प्रयास करने के बावजूद भी गर्भधारण नहीं हो रहा है और आई यू आई ट्रीटमेंट भी फ़ैल हो गया है, तो ऐसे में वह असिस्टेड रिप्रोडक्टिव टेक्निक के बारे में सोच सकती है। उपचार के तौर पर निम्न विकल्प मौजूद है -

आई वी एफ - जैसे की कुछ महिलाओं में कम उम्र में एएमएच का स्तर कम होता है यानि अंडे कम होते है, लेकिन वो अच्छी क्वालिटी के हो सकते है। आई वी एफ की प्रक्रिया में, उनके अंडे को शरीर से बहार निकालकर, उसे पुरुष के शुक्राणु के साथ, लैब के अंदर फर्टिलाइज़ किया जाता है। फर्टिलाइज़्ड होने के बाद भ्रूण को महिला के गर्भाशय में ट्रांसफर करते हैं।

डोनर एग के साथ आई वी एफ - जिन महिलाओं की उम्र ज़्यादा होती है और एएमएच का स्तर कम होता है। उनमे अंडो की क्वालिटी अच्छी नहीं होती है। ऐसे मामलों में डोनर के अंडों का प्रयोग किया जाता है। अंडे और शुक्राणु के फर्टिलाइजेशन के बाद भ्रूण को महिला के गर्भाशय में ट्रांसफर करते है।

एएमएच स्तर में कमी के बावजूद गर्भधारण की सफल कहानी

लगातार दो साल से भी ज़्यादा प्रयास करने के बाद जब मेरा गर्भधारण नहीं हुआ तो मैंने एक फर्टिलिटी डॉक्टर के पास जाने का फैसला लिया।

इंटरनेट पर ढूंढ़ने से मुझे मेडिकवर फर्टिलिटी के बारे में पता चला। मैंने उनके दिए नंबर पर फ़ोन करके अपॉइंटमेंट बुक की। अगले दिन ही मैं अपने पति के साथ वहां गई और डॉक्टर से मिली।

डॉक्टर ने कुछ टेस्ट करवाए और टेस्ट रिपोर्ट को देखने के बाद बताया की मेरे एएमएच स्तर में कमी आई है इसी कारण से मेरा गर्भधारण हो रहा था । उन्होंने हमें आई वी एफ करवाने की सलाह दी।

मेरा ट्रीटमेंट सफल रहा और कुछ ही समय में मेरा गर्भधारण हो गया। मेडिकवर फर्टिलिटी को मेरे परिवार की ओर से धन्यवाद!

एएमएच का स्तर कम होने पर गर्भधारण के लिए मेडिकवर फर्टिलिटी एक अच्छा विकल्प है।

मेडिकवर फर्टिलिटी एक अंतराष्ट्रीय फर्टिलिटी क्लिनिक हैं। यहाँ एडवांस्ड तकनीकों और उपकरणों के प्रयोग से जाँच की जाती है। मेडिकवर फर्टिलिटी ने आई वी एफ के कई सफल ट्रीटमेंट किए है, जिससे अनगिनत निःसंतान दम्पत्तिओं के माता-पिता बनने का सपना पूरा हुआ है। यहाँ के फर्टिलिटी डॉक्टर और एम्ब्रियोलॉजिस्ट बहुत ही अनुभवी और उच्च सफलता दर के ट्रीटमेंट देने में पूरी तरह से सक्षम हैं।

मेडिकवर फर्टिलिटी में आर आई विटनेस (RI Witness) का प्रयोग किया जाता है। आई वी एफ लैब में होने वाली संभावित किसी भी प्रकार की गलतियों को रोकने में आरआई विटनेस से मदद मिलती है। इससे यह सुनिश्चित होता है की एम्ब्र्यो के लिए आपका ही सैंपल (एग और स्पर्म) का प्रयोग किया गया है। लोगों में आजकल इसके बारे में फिल्मों को देखने के बाद काफी जागरूकता बढ़ गई है। मेडिकवर फर्टिलटी में यह सुविधा पहले से ही उपलबध है, जिसका लाभ कई दम्पत्तियों को मिला है।

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FAQs

प्रश्न: एएमएच का सामान्य स्तर कितना होता है? (What is a Normal AMH Level?)

उत्तर: एक महिला में एएमएच का सामान्य स्तर 2.20 - 6.80 ng/mL माना जाता है।

प्रश्न: एएमएच टेस्ट क्यों किया जाता है? (Why AMH Test is Done?)

उत्तर: एंटी-मुलेरियन हार्मोन टेस्ट (Anti Mullerian Hormone Test in Hindi) से महिला के अंडाशय में मौजूद अंडों की संख्या का पता लगाया जाता है।

प्रश्न: एएमएच टेस्ट कब कराना चाहिए? (AMH Test Kab Karna Chahiye in Hindi?)

उत्तर: यदि कोई महिला प्रयास करने बाद भी गर्भधारण नहीं कर पा रही है तो वह यह टेस्ट करवा सकती है।

प्रश्न: एएमएच का स्तर ज़्यादा होने का क्या मतलब होता है? (What Does a High AMH Level Mean?)

उत्तर: इसका मतलब होता है की महिला के अंडाशय में ज़्यादा अंडे मौजूद है।

प्रश्न: क्या एएमएच टेस्ट के लिए खाली पेट रहने की ज़रूरत होती है? (Is Fasting Required for AMH Test?)

उत्तर: नहीं, इस टेस्ट से पहले आपको कोई उपवास यानि खाली पेट रहने की ज़रूरत नहीं होती है।

References -

https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC5509971/

https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC5637249/

http://www.ijwhr.net/pdf/pdf_IJWHR_279.pdf

https://journals.plos.org/plosone/article?id=10.1371/journal.pone.0081629#